गोलाकार सतह पर अपवर्तन (Refraction at a Spherical Surface)
दूरी मापने के नियम
- आपतित किरण की दिशा में मापी गई दूरी धनात्मक मानी जाती है।
- आपतित किरण की विपरीत दिशा में मापी गई दूरी ऋणात्मक मानी जाती है।
अध्ययन में लिए गए अनुमान (Assumptions)
- वस्तु मुख्य अक्ष (Principal Axis) पर स्थित बिंदु वस्तु है।
- सतह पारदर्शी एवं गोलाकार अपवर्तक सतह है।
- सभी कोण छोटे हैं (Small Angle Approximation)।
- इसलिए sinθ ≈ θ और tanθ ≈ θ लिया जा सकता है।
ज्यामिति व परिभाषाएँ
आरेखानुसार कोण:
- α = ∠NOP
- β = ∠N’IP
- γ = ∠NMC
tan वाले स्टेप (मान रखना)
- tan α = NM / OM ⇒ α ≈ NM / OP
- tan β = NM / MP ⇒ β ≈ NM / PI
- tan γ = NM / MC ⇒ γ ≈ NM / PC
स्नेल का नियम (Snell’s Law)
μ1 sin i = μ2 sin r ⇒ μ1 i = μ2 r (छोटे कोण)।
ज्यामिति से: i = α + γ तथा r = β − γ।
मान रखने पर
i = (NM / OP) + (NM / PC), r = (NM / PI) − (NM / PC)
अतः μ1[(NM / OP) + (NM / PC)] = μ2[(NM / PI) − (NM / PC)]
NM कॉमन होने से कट जाता है:
μ1/OP + μ1/PC = μ2/PI − μ2/PC
कार्तीय संकेत और अंतिम सूत्र
- वस्तु दूरी: u = OP
- प्रतिबिंब दूरी: v = PI
- वक्रता त्रिज्या: R = PC
अतः (μ2 / v) − (μ1 / u) = (μ2 − μ1) / R
विशेष स्थिति (पहला माध्यम वायु)
यदि μ1 = 1 तथा μ2 = μ, तब
(μ / v) − (1 / u) = (μ − 1) / R
टिप्पणियाँ
- चिह्न (sign) हमेशा कार्तीय परंपरा से लें—मुख्य अक्ष की दिशा में धनात्मक, विपरीत दिशा में ऋणात्मक।
- ऊपर के सभी चरण छोटे कोण मान्यताओं पर आधारित हैं; बड़े कोणों के लिए सटीक त्रिकोणमितीय रूप चाहिए।