उत्तल दर्पण से अपवर्तन

गोलाकार सतह पर अपवर्तन (Refraction at a Spherical Surface)

दूरी मापने के नियम

  1. आपतित किरण की दिशा में मापी गई दूरी धनात्मक मानी जाती है।
  2. आपतित किरण की विपरीत दिशा में मापी गई दूरी ऋणात्मक मानी जाती है।

अध्ययन में लिए गए अनुमान (Assumptions)

  1. वस्तु मुख्य अक्ष (Principal Axis) पर स्थित बिंदु वस्तु है।
  2. सतह पारदर्शी एवं गोलाकार अपवर्तक सतह है।
  3. सभी कोण छोटे हैं (Small Angle Approximation)।
  4. इसलिए sinθ ≈ θ और tanθ ≈ θ लिया जा सकता है।

ज्यामिति व परिभाषाएँ

आरेखानुसार कोण:

  • α = ∠NOP
  • β = ∠N’IP
  • γ = ∠NMC

tan वाले स्टेप (मान रखना)

  • tan α = NM / OM ⇒ α ≈ NM / OP
  • tan β = NM / MP ⇒ β ≈ NM / PI
  • tan γ = NM / MC ⇒ γ ≈ NM / PC

स्नेल का नियम (Snell’s Law)

μ1 sin i = μ2 sin r ⇒ μ1 i = μ2 r (छोटे कोण)।

ज्यामिति से: i = α + γ तथा r = β − γ।

मान रखने पर

i = (NM / OP) + (NM / PC),   r = (NM / PI) − (NM / PC)

अतः μ1[(NM / OP) + (NM / PC)] = μ2[(NM / PI) − (NM / PC)]

NM कॉमन होने से कट जाता है:

μ1/OP + μ1/PC = μ2/PI − μ2/PC

कार्तीय संकेत और अंतिम सूत्र

  • वस्तु दूरी: u = OP
  • प्रतिबिंब दूरी: v = PI
  • वक्रता त्रिज्या: R = PC

अतः 2 / v) − (μ1 / u) = (μ2 − μ1) / R

विशेष स्थिति (पहला माध्यम वायु)

यदि μ1 = 1 तथा μ2 = μ, तब

(μ / v) − (1 / u) = (μ − 1) / R

टिप्पणियाँ

  • चिह्न (sign) हमेशा कार्तीय परंपरा से लें—मुख्य अक्ष की दिशा में धनात्मक, विपरीत दिशा में ऋणात्मक।
  • ऊपर के सभी चरण छोटे कोण मान्यताओं पर आधारित हैं; बड़े कोणों के लिए सटीक त्रिकोणमितीय रूप चाहिए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *