

प्रकाश का अपवर्तन (Refraction of Light)
प्रस्तावना
प्रकाश का अपवर्तन भौतिकी का एक महत्वपूर्ण विषय है, जो यह समझने में मदद करता है कि जब प्रकाश एक माध्यम से दूसरे माध्यम में प्रवेश करता है तो उसकी दिशा क्यों बदल जाती है।
प्रकाश का अपवर्तन (refraction of light) क्या है?
जब प्रकाश एक पारदर्शी माध्यम (जैसे वायु) से किसी दूसरे पारदर्शी माध्यम (जैसे जल या कांच) में प्रवेश करता है, तो उसकी गति और दिशा बदल जाती हैं। इस घटना को प्रकाश का अपवर्तन कहा जाता है।
अपवर्तन क्यों होता है?
प्रत्येक माध्यम में प्रकाश की चाल अलग होती है। प्रकाश की चाल में यह परिवर्तन ही उसकी दिशा को मोड़ता है।
अपवर्तन के नियम
- आपतित किरण, अपवर्तित किरण और लम्ब (normal) एक ही तल में होते हैं।
- स्नेल का नियम: sin i / sin r = μ
अपवर्तनांक (Refractive Index)
यह एक संख्या होती है जो यह दर्शाता है कि किसी माध्यम में प्रकाश की चाल कितनी कम हो जाती है:
μ = c / v
उदाहरण
- पानी में रखा तिनका टेढ़ा दिखना
- तारा वास्तविक स्थान से ऊपर दिखना
- कांच की पट्टी से वस्तु स्थानांतरित दिखना
कांच की पट्टी में अपवर्तन
कांच की पट्टी में प्रकाश दो बार अपवर्तित होता है। कुल मिलाकर किरण समानांतर निकलती है लेकिन स्थानांतरित हो जाती है।
स्पष्ट गहराई बनाम वास्तविक गहराई
स्पष्ट गहराई = वास्तविक गहराई / μ
पूर्ण आंतरिक परावर्तन
जब आपतन कोण क्रांतिक कोण से बड़ा होता है तो प्रकाश पूरी तरह परावर्तित हो जाता है।
अपवर्तन के अनुप्रयोग
- चश्मा व लेंस
- ऑप्टिकल फाइबर
- माइक्रोस्कोप व दूरबीन
शब्दावली
| शब्द | अर्थ |
|---|---|
| आपतन कोण (i) | आपतित किरण और लम्ब के बीच का कोण |
| अपवर्तन कोण (r) | अपवर्तित किरण और लम्ब के बीच का कोण |
| अपवर्तनांक (μ) | प्रकाश की चाल का अनुपात |
निष्कर्ष
प्रकाश का अपवर्तन एक अत्यंत रोचक और दैनिक जीवन में उपयोगी भौतिक घटना है। इसकी समझ से हम वैज्ञानिक उपकरणों को बेहतर बना सकते हैं।